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10 अक्टूबर 2026 के महत्वपूर्ण करेंट अफेयर्स हिंदी में पढ़ें। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस, तरंग शक्ति 2026, वन अधिकार अधिनियम, नोबेल शांति पुरस्कार, BRICS खेल और RBI से जुड़े समाचार।
लेखक: Lakshya IAS Academy, Lucknow
हर वर्ष 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (World Mental Health Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक बीमारियों से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को दूर करना और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुँच को बेहतर बनाना है।
वर्ष 2026 की थीम है:
“Lived experiences heard: real voices, real change”

अर्थात मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का व्यक्तिगत अनुभव रखने वाले लोगों की आवाज को महत्व देना और उनके अनुभवों के आधार पर वास्तविक परिवर्तन लाना।
यह थीम वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ (WFMH) द्वारा निर्धारित की गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी इस विषय पर जागरूकता और सहयोग को बढ़ावा दे रहा है।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस प्रतिवर्ष 10 अक्टूबर को मनाया जाता है।
इसकी शुरुआत वर्ष 1992 में हुई थी।
इसकी शुरुआत में वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ की प्रमुख भूमिका थी।
इसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता तथा सामाजिक स्वीकार्यता को बढ़ाना है।
UPSC/UPPCS के लिए महत्वपूर्ण: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम निर्धारित करने वाली संस्था और WHO की भूमिका में अंतर समझना जरूरी है।
भारतीय वायुसेना द्वारा आयोजित तरंग शक्ति 2026 (Tarang Shakti 2026) बहुराष्ट्रीय वायुसेना अभ्यास भारत के अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
इस अभ्यास का आयोजन राजस्थान के जोधपुर में किया गया। 10 अक्टूबर 2026 को इसके समापन से संबंधित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भाग लिया और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता तथा अंतरराष्ट्रीय सैन्य सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला।

इस अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न देशों की वायुसेनाओं के बीच समन्वय, परिचालन अनुभवों के आदान-प्रदान और संयुक्त सैन्य क्षमताओं को बेहतर बनाना है।
भारत और सहयोगी देशों के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करना।
आधुनिक वायु युद्ध रणनीतियों का अनुभव साझा करना।
संयुक्त अभियानों के लिए अंतर-संचालन क्षमता विकसित करना।
भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमताओं का प्रदर्शन करना।
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| अभ्यास का नाम | तरंग शक्ति 2026 |
| आयोजक | भारतीय वायुसेना |
| प्रमुख आयोजन स्थल | जोधपुर, राजस्थान |
| अभ्यास का स्वरूप | बहुराष्ट्रीय वायुसेना अभ्यास |
| प्रमुख उद्देश्य | रक्षा सहयोग एवं परिचालन समन्वय |
केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय ने 9 अक्टूबर 2026 को कोलकाता, पश्चिम बंगाल में वन अधिकार अधिनियम, 2006 के कार्यान्वयन की दूसरी क्षेत्रीय समीक्षा बैठक आयोजित की।

इस सम्मेलन में पश्चिम बंगाल, असम, त्रिपुरा, झारखंड, ओडिशा, बिहार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में वन अधिकारों से संबंधित लंबित दावों, सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) के आवासीय अधिकारों की समीक्षा की गई।
वन अधिकार अधिनियम, 2006 का उद्देश्य अनुसूचित जनजातियों तथा अन्य परंपरागत वन निवासियों के वन भूमि और वन संसाधनों से संबंधित पारंपरिक अधिकारों को मान्यता प्रदान करना है।
इस कानून के अंतर्गत पात्र वन निवासियों को व्यक्तिगत तथा सामुदायिक वन अधिकार दिए जा सकते हैं।
अधिनियम का वर्ष: 2006
संबंधित मंत्रालय: जनजातीय कार्य मंत्रालय
प्रमुख लाभार्थी: अनुसूचित जनजातियाँ और अन्य परंपरागत वन निवासी
प्रमुख अधिकार: व्यक्तिगत वन अधिकार, सामुदायिक अधिकार तथा सामुदायिक वन संसाधन अधिकार
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण: वन अधिकार अधिनियम, 2006 तथा पेसा अधिनियम, 1996 दोनों अलग-अलग कानून हैं। इनके उद्देश्य और प्रावधानों में अंतर समझना जरूरी है।
9 अक्टूबर 2026 को दक्षिण अफ्रीका की प्रसिद्ध मानवाधिकार विशेषज्ञ नवी पिल्लै (Navi Pillay) को वर्ष 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा की गई।

उन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून, न्याय, मानवाधिकारों की रक्षा तथा शांति को बढ़ावा देने के क्षेत्र में लंबे समय से किए गए योगदान के लिए चुना गया है।
नवी पिल्लै दक्षिण अफ्रीका की विधिवेत्ता और मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के रूप में भी कार्य किया है।
उनका कार्य विशेष रूप से मानवाधिकार संरक्षण, अंतरराष्ट्रीय न्याय और भेदभाव के विरुद्ध कानूनी संघर्षों से जुड़ा रहा है।
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| वर्ष | 2026 |
| विजेता | नवी पिल्लै |
| देश | दक्षिण अफ्रीका |
| घोषणा | 9 अक्टूबर 2026 |
| चयन करने वाली संस्था | नॉर्वेजियन नोबेल समिति |
| पुरस्कार समारोह का स्थान | ओस्लो, नॉर्वे |
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण: नोबेल शांति पुरस्कार नॉर्वे में प्रदान किया जाता है, जबकि अन्य नोबेल पुरस्कार सामान्यतः स्वीडन में प्रदान किए जाते हैं।
भारत की BRICS अध्यक्षता के अंतर्गत 12 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद के वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में BRICS Traditional and Indigenous Sports Demonstration Games 2026 का आयोजन निर्धारित है।

भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय तथा गुजरात सरकार के सहयोग से यह आयोजन किया जाएगा।
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया द्वारा इसका उद्घाटन किया जाना निर्धारित है।
BRICS देशों के पारंपरिक एवं स्वदेशी खेलों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना और उनके सांस्कृतिक महत्व को संरक्षित करना इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है।
यह आयोजन मुख्य रूप से गैर-प्रतिस्पर्धात्मक स्वरूप का होगा, जिसमें विभिन्न देशों की पारंपरिक खेल विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| आयोजन | BRICS Traditional and Indigenous Sports Demonstration Games 2026 |
| स्थान | अहमदाबाद, गुजरात |
| तिथि | 12 अक्टूबर 2026 |
| आयोजन स्थल | वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स |
| भारतीय आयोजक | युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय तथा गुजरात सरकार |
भारत की ओर से मल्लखंब, योगासन और कलारीपयट्टू जैसी पारंपरिक खेल विधाओं का प्रदर्शन प्रस्तावित है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण: BRICS के अंतर्गत आर्थिक सहयोग के अतिरिक्त सांस्कृतिक, खेल एवं जन-से-जन संबंधों को भी बढ़ावा दिया जाता है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 9 अक्टूबर 2026 को बैंकिंग प्रणाली में अतिरिक्त तरलता कम करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण मौद्रिक कदम घोषित किए।

समाचार एजेंसी Reuters के अनुसार, RBI ने खुले बाजार परिचालन (Open Market Operations – OMO) के माध्यम से ₹25,000 करोड़ के सरकारी बॉन्ड बेचने की योजना बनाई है।
इसके अतिरिक्त बैंकों के लिए नकद आरक्षित अनुपात (CRR) की दैनिक न्यूनतम रखरखाव आवश्यकता को 90 प्रतिशत से बढ़ाकर 99 प्रतिशत करने की घोषणा की गई है। यह बदलाव 16 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होना निर्धारित है।
खुले बाजार परिचालन के तहत RBI सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद और बिक्री करता है।
जब RBI सरकारी प्रतिभूतियाँ खरीदता है, तब सामान्यतः बाजार में तरलता बढ़ती है।
जब RBI सरकारी प्रतिभूतियाँ बेचता है, तब सामान्यतः बैंकिंग प्रणाली में उपलब्ध तरलता कम होती है।
नकद आरक्षित अनुपात (Cash Reserve Ratio – CRR) वह अनुपात है, जिसके अनुसार बैंकों को अपनी शुद्ध मांग और सावधि देनदारियों (NDTL) का एक निर्धारित हिस्सा नकद रिजर्व के रूप में RBI के पास रखना होता है।
RBI द्वारा घोषित नया नियम CRR की दर को 99 प्रतिशत करना नहीं है, बल्कि निर्धारित CRR के दैनिक न्यूनतम रखरखाव की आवश्यकता को 90 प्रतिशत से बढ़ाकर 99 प्रतिशत करना है।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| संस्था | भारतीय रिजर्व बैंक |
| घोषणा तिथि | 9 अक्टूबर 2026 |
| OMO बॉन्ड बिक्री | ₹25,000 करोड़ |
| पूर्व दैनिक CRR रखरखाव | 90% |
| नया दैनिक CRR रखरखाव | 99% |
| प्रभावी तिथि | 16 अक्टूबर 2026 |
| प्रमुख उद्देश्य | अतिरिक्त तरलता का नियंत्रण |
प्रश्न 1. विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2026 की थीम क्या है?
(a) Mental Health at Work
(b) Lived experiences heard: real voices, real change
(c) Mental Health in Humanitarian Emergencies
(d) Make Mental Health a Global Priority
Answer : b
Solution : विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2026 की थीम “Lived experiences heard: real voices, real change” है। इसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का व्यक्तिगत अनुभव रखने वाले लोगों की आवाज को महत्व देना है।
प्रश्न 2. तरंग शक्ति 2026 का संबंध किससे है?
(a) बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास
(b) संयुक्त थलसेना अभ्यास
(c) बहुराष्ट्रीय वायुसेना अभ्यास
(d) अंतरिक्ष अनुसंधान कार्यक्रम
Answer : c
Solution : तरंग शक्ति भारतीय वायुसेना द्वारा आयोजित बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास है, जिसका उद्देश्य विभिन्न देशों की वायुसेनाओं के बीच सहयोग और परिचालन समन्वय बढ़ाना है।
प्रश्न 3. वन अधिकार अधिनियम, 2006 के कार्यान्वयन की दूसरी क्षेत्रीय समीक्षा बैठक अक्टूबर 2026 में कहाँ आयोजित की गई?
(a) रांची
(b) कोलकाता
(c) भुवनेश्वर
(d) गुवाहाटी
Answer : b
Solution : जनजातीय कार्य मंत्रालय ने 9 अक्टूबर 2026 को कोलकाता में दूसरी क्षेत्रीय समीक्षा बैठक आयोजित की।
प्रश्न 4. वर्ष 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार किसे देने की घोषणा की गई?
(a) नवी पिल्लै
(b) एंटोनियो गुटेरेस
(c) मलाला यूसुफजई
(d) ग्रेटा थनबर्ग
Answer : a
Solution : वर्ष 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए दक्षिण अफ्रीका की मानवाधिकार विशेषज्ञ नवी पिल्लै को चुना गया है।
प्रश्न 5. BRICS Traditional and Indigenous Sports Demonstration Games 2026 का आयोजन किस शहर में निर्धारित है?
(a) नई दिल्ली
(b) मुंबई
(c) अहमदाबाद
(d) जयपुर
Answer : c
Solution : इसका आयोजन 12 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद स्थित वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में निर्धारित है।
प्रश्न 6. अक्टूबर 2026 में RBI ने CRR की दैनिक न्यूनतम रखरखाव आवश्यकता को कितने प्रतिशत करने की घोषणा की?
(a) 90 प्रतिशत
(b) 95 प्रतिशत
(c) 97 प्रतिशत
(d) 99 प्रतिशत
Answer : d
Solution : RBI ने निर्धारित CRR की दैनिक न्यूनतम रखरखाव आवश्यकता 90 प्रतिशत से बढ़ाकर 99 प्रतिशत करने की घोषणा की। यह परिवर्तन 16 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होना निर्धारित है।
10 अक्टूबर 2026 के करेंट अफेयर्स में मानसिक स्वास्थ्य, अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग, जनजातीय अधिकार, नोबेल पुरस्कार, सांस्कृतिक खेल सहयोग और मौद्रिक नीति से संबंधित घटनाएँ महत्वपूर्ण हैं।
UPSC, UPPCS और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को इन घटनाओं के साथ संबंधित संस्थाओं, अधिनियमों और प्रमुख अवधारणाओं का अध्ययन भी करना चाहिए।
उत्तर प्रदेश विधान भवन : इतिहास और निर्माण यात्रा
उत्तर प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और लोकतांत्रिक परंपरा की पहचान उत्तर प्रदेश विधान सभा (विधान भवन) केवल एक प्रशासनिक भवन नहीं, बल्कि प्रदेश की राजनीतिक और स्थापत्य विरासत का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसका भव्य स्वरूप, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और अनूठी वास्तुकला इसकी निर्माण यात्रा को बेहद दिलचस्प बनाती है।
उत्तर प्रदेश विधान भवन नींव (Foundation Stone)
इस ऐतिहासिक भवन के निर्माण की शुरुआत 15 दिसंबर 1922 को हुई, जब तत्कालीन गवर्नर सर स्पेंसर हारकोर्ट बटलर ने इसकी आधारशिला रखी। यही वह क्षण था, जब उत्तर प्रदेश के इस भव्य विधान भवन के निर्माण की औपचारिक यात्रा प्रारंभ हुई।
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उत्तर प्रदेश विधान भवन उद्घाटन (Inauguration)
लगभग पाँच वर्षों से अधिक समय तक चले निरंतर निर्माण कार्य के बाद यह भव्य भवन तैयार हुआ। इसका विधिवत उद्घाटन 21 फरवरी 1928 को किया गया।
उत्तर प्रदेश विधान भवन निर्माण लागत (Cost)
आज जिस विधान भवन की भव्यता हमें आकर्षित करती है, उसके निर्माण के लिए उस समय लगभग 21 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। उस दौर के हिसाब से यह एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण निर्माण परियोजना थी।
उत्तर प्रदेश विधान भवन वास्तुकला शैली (Architectural Style)
उत्तर प्रदेश विधान भवन की सबसे खास विशेषताओं में इसकी वास्तुकला शामिल है। यह भवन इंडो-यूरोपियन (Indo-European) और गोथिक शैली की उत्कृष्ट वास्तुकला का उदाहरण है।
इस भवन का आकार अर्धचंद्राकार (Crescent-shaped) है। इसके मुख्य केंद्र में बना विशाल गोथिक गुंबद इसकी भव्यता को और अधिक आकर्षक बनाता है।
उत्तर प्रदेश विधान भवन निर्माण में प्रयुक्त सामग्री (Materials Used)
विधान भवन को मजबूत और आकर्षक बनाने के लिए विशेष प्रकार की निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया। इसके बाहरी निर्माण में मिर्जापुर के चुनार क्षेत्र के हल्के भूरे रंग के बलुआ पत्थरों (Sandstone) का प्रयोग किया गया है। वहीं भवन के आंतरिक हिस्सों तथा सीढ़ियों को सुंदर और भव्य रूप देने के लिए आगरा और जयपुर के संगमरमर (Marble) का इस्तेमाल किया गया है।
उत्तर प्रदेश विधान भवन ऐतिहासिक महत्व
उत्तर प्रदेश विधान भवन को प्रारंभ में ‘काउंसिल हाउस’ (Council House) के नाम से जाना जाता था। बाद में वर्ष 1937 से यह भवन उत्तर प्रदेश के विधानमंडल, अर्थात् विधान सभा और विधान परिषद, की बैठकों का प्रमुख केंद्र बन गया। इस प्रकार उत्तर प्रदेश विधान भवन केवल एक ऐतिहासिक इमारत ही नहीं, बल्कि प्रदेश की लोकतांत्रिक यात्रा, स्थापत्य कला और राजनीतिक इतिहास का जीवंत प्रतीक भी है।
1. आधारशिला — 15 दिसंबर 1922
o रखी: सर स्पेंसर हारकोर्ट बटलर
2. उद्घाटन — 21 फरवरी 1928
o निर्माण में लगभग 5 वर्ष से अधिक समय लगा।
3. निर्माण लागत — लगभग 21 लाख रुपये
4. पुराना नाम — काउंसिल हाउस (Council House)
5. वास्तुकला शैली —
o इंडो-यूरोपियन शैली
o गोथिक शैली
6. भवन का आकार — अर्धचंद्राकार (Crescent-shaped)
7. मुख्य आकर्षण — भवन के केंद्र में बना विशाल गोथिक गुंबद
8. निर्माण सामग्री —
o मिर्जापुर के चुनार का हल्का भूरा बलुआ पत्थर
o अंदरूनी भागों एवं सीढ़ियों में आगरा और जयपुर का संगमरमर
9. वर्ष 1937 से — यह भवन विधान सभा और विधान परिषद की बैठकों का प्रमुख केंद्र बना।
10.महत्व — उत्तर प्रदेश की लोकतांत्रिक परंपरा, राजनीतिक इतिहास और स्थापत्य विरासत का प्रमुख प्रतीक।
उत्तर प्रदेश की राजधानी आज लखनऊ है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ब्रिटिश काल में प्रदेश की सत्ता का प्रमुख केंद्र इलाहाबाद हुआ करता था? इलाहाबाद से लखनऊ तक राजधानी के स्थानांतरण की यह यात्रा उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।
ब्रिटिश शासन के दौरान उत्तर प्रदेश को 'संयुक्त प्रांत' (United Provinces) के नाम से जाना जाता था।
1858 से 1921 तक इलाहाबाद इस प्रांत की राजधानी रहा।
इस अवधि में—
इस प्रकार लगभग छह दशकों तक इलाहाबाद संयुक्त प्रांत की प्रशासनिक व्यवस्था का केंद्र रहा।
समय के साथ ब्रिटिश प्रशासन के सामने नई राजनीतिक और प्रशासनिक परिस्थितियाँ उत्पन्न होने लगीं।
विशेष रूप से—
इन्हीं परिस्थितियों में अंग्रेजी शासन ने राजधानी को इलाहाबाद से किसी अधिक उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया।
राजधानी के लिए लखनऊ का चयन कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण था।
का एक प्रमुख केंद्र रहा था। इन्हीं विशेषताओं के कारण लखनऊ राजधानी के लिए उपयुक्त माना गया।
1935 तक प्रमुख प्रशासनिक कार्यालय लखनऊ पहुँच गए और लखनऊ संयुक्त प्रांत की सत्ता एवं प्रशासन का मुख्य केंद्र बन गया।
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भी लखनऊ का राजधानी के रूप में महत्व बना रहा।
24 जनवरी 1950 को 'संयुक्त प्रांत' (United Provinces) का नाम बदलकर 'उत्तर प्रदेश' कर दिया गया।
1858 ➡️ इलाहाबाद संयुक्त प्रांत की राजधानी
1858–1921 ➡️ प्रशासनिक केंद्र के रूप में इलाहाबाद का प्रमुख स्थान
1921 ➡️ राजधानी इलाहाबाद से लखनऊ स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू. ➡️ गवर्नर सर हार्कोर्ट बटलर का मुख्यालय लखनऊ स्थानांतरित
1921–1935 ➡️ प्रमुख प्रशासनिक कार्यालयों का क्रमिक स्थानांतरण
1935 ➡️ लखनऊ सत्ता और प्रशासन का मुख्य केंद्र
24 जनवरी 1950 ➡️ संयुक्त प्रांत का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश
1950 से वर्तमान तक ➡️ लखनऊ — उत्तर प्रदेश की राजधानी ➡️ इलाहाबाद — महत्वपूर्ण न्यायिक केंद्र
उत्तर प्रदेश विधानसभा का राजनीतिक सफ़र
उत्तर प्रदेश राज्य में द्विसदनीय विधानमंडल है, जिसमें उच्च सदन विधान परिषद और निम्न सदन विधान सभा शामिल हैं। यह भारत का सबसे बड़ा विधानमंडल है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में 403 निर्वाचित सदस्य हैं। उत्तर प्रदेश विधान परिषद में 100 सदस्य हैं। 1967 से पहले, विधान सभा की सदस्य संख्या 431 थी, जिसमें एक मनोनीत एंग्लो-इंडियन सदस्य शामिल था, जिसे संशोधित करके 426 कर दिया गया, जिसमें एक मनोनीत एंग्लो-इंडियन सदस्य शामिल था। 9 नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश राज्य के पुनर्गठन और उत्तराखंड के गठन के बाद, विधान सभा की सदस्य संख्या घटकर 404 हो गई, जिसमें एक मनोनीत एंग्लो-इंडियन सदस्य शामिल था। 25 जनवरी 2020 को लागू हुए संविधान (104वां संशोधन) अधिनियम, 2019 के बाद एंग्लो-इंडियन सदस्य को मनोनीत करने का प्रावधान समाप्त कर दिया गया। वर्तमान में विधान सभा की सदस्य संख्या 403 है। विधान सभा का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है, जब तक कि इसे पहले भंग न कर दिया जाए। पहली विधान सभा का गठन 8 मार्च, 1952 को हुआ था। तब से इसका गठन अठारह बार हो चुका है। वर्तमान अठारहवीं विधान सभा का गठन 11 मार्च, 2022 को हुआ।
प्रत्येक आम चुनाव के बाद पहले सत्र के प्रारंभ में और वर्ष के पहले सत्र के प्रारंभ में, राज्यपाल दोनों सदनों को संबोधित करते हैं और विधानमंडल को सत्र बुलाने के कारणों से अवगत कराते हैं। इसके अतिरिक्त, राज्यपाल वर्ष के दौरान समय-समय पर दोनों सदनों को बुलाते हैं। अध्यक्ष और उप-अध्यक्ष का चुनाव विधान सभा के सदस्यों द्वारा अपने बीच से किया जाता है। उत्तर प्रदेश विधान सभा और विधान परिषद के कक्ष ऐतिहासिक शहर लखनऊ में स्थित हैं, जो अपने गौरवशाली अतीत और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है।
माननीय योगी आदित्यनाथ 19 मार्च, 2017 से लगातार दो कार्यकालों के लिए राज्य के मुख्यमंत्री और सदन के नेता हैं। माननीय श्री सतीश महाना 29 मार्च, 2022 से विधानसभा अध्यक्ष हैं। माननीय श्री माता प्रसाद पांडे 28 जुलाई, 2024 से विपक्ष के नेता हैं।