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UPPSC RO/ARO परीक्षा उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक है। समीक्षा अधिकारी (RO) और सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) पदों को लक्ष्य बनाकर तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए केवल General Studies पढ़ना पर्याप्त नहीं है। इस परीक्षा की तैयारी में General Studies, General Hindi, Uttar Pradesh Special, Current Affairs, Previous Year Questions (PYQs), Revision और Mock Tests के बीच सही संतुलन बनाना जरूरी है।
RO/ARO की एक खास बात यह भी है कि इसकी तैयारी सामान्य GS परीक्षाओं जैसी रखकर काम नहीं चलेगा। Prelims के General Hindi के निर्धारित क्षेत्रों, PYQ-based preparation और आगे Mains में Hindi, drafting तथा essay-oriented preparation पर भी विशेष ध्यान देना पड़ता है।
इस लेख में हम RO/ARO 2026 Preparation Strategy को Prelims से Mains तक step-by-step समझेंगे।
तैयारी शुरू करने से पहले सीधे किताबों और PDFs में न जाएं। सबसे पहले परीक्षा की प्रकृति को समझें।
अपने पास ये चीजें रखें:
सबसे पहले syllabus को topic-wise divide करें। इसके बाद Previous Year Papers देखकर यह समझें कि आयोग किसी topic को किस तरह question में बदलता है।
PYQ analysis शुरुआत में करने से आपको यह पता चल जाता है कि क्या पढ़ना है, कितना पढ़ना है और किस प्रकार पढ़ना है।
नए अभ्यर्थियों को शुरुआत में यह समझना चाहिए कि Review Officer (RO) और Assistant Review Officer (ARO) अलग-अलग पद हैं, इसलिए उनकी post-wise eligibility भी हमेशा एक जैसी मान लेना सही नहीं है।
कुछ ARO पदों में सामान्य शैक्षिक योग्यता के अतिरिक्त computer qualification और Hindi typing जैसी technical requirements भी हो सकती हैं।
इसलिए किसी पुराने recruitment की qualification को सीधे RO/ARO 2026 पर लागू न करें। 2026 की भर्ती आने पर UPPSC के official notification में अपने चुने हुए department और post की educational तथा technical qualification अलग से check करें।
यह खासतौर पर ARO के अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है।
General Studies को अलग-अलग facts का collection बनाने के बजाय चार हिस्सों को जोड़कर तैयार करें:
Static GS + UP Special + Current Affairs + PYQ
History की तैयारी को तीन प्रमुख हिस्सों में बांटें—
प्राचीन भारत → मध्यकालीन भारत → आधुनिक भारत
विशेष रूप से तैयार करें:
Modern History में केवल घटना और वर्ष याद न करें। घटनाओं का क्रम (Chronology) और उनके बीच संबंध भी समझें।
हर chapter के बाद PYQs जरूर देखें।
Polity में सबसे पहले संविधान की basic understanding मजबूत करें।
प्रमुख विषय:
Polity को Current Affairs के साथ जोड़कर पढ़ें। किसी संवैधानिक संस्था या महत्वपूर्ण विधायी विषय के news में आने पर उसका static background भी revise करें।
Geography की तैयारी में Concept + Map Practice दोनों रखें।
पृथ्वी, अक्षांश-देशांतर, चट्टानें, भूकंप, ज्वालामुखी, वायुमंडल, पवनें, महासागरीय धाराएं आदि।
नदियां, मिट्टी, जलवायु, कृषि, खनिज, उद्योग, प्राकृतिक वनस्पति एवं संसाधन।
नदियां, सिंचाई, मिट्टी, कृषि, उद्योग, प्राकृतिक संसाधन और महत्वपूर्ण भौगोलिक क्षेत्र।
Current Affairs में आने वाले महत्वपूर्ण स्थानों को Map पर locate करते रहें।
Economy को केवल definitions और आंकड़ों से तैयार न करें। Basic concepts clear रखें।
प्रमुख विषय:
Economy के static topics को Current Affairs के साथ integrate करें।
Science में बहुत अधिक technical depth में जाने से पहले examination-oriented basic concepts तैयार करें।
विशेष रूप से:
हर topic के बाद PYQs देखकर अपनी preparation की depth तय करें।
RO/ARO Prelims की तैयारी में General Hindi को GS से कम महत्व देना बड़ी गलती हो सकती है।
इसकी तैयारी syllabus-oriented होनी चाहिए। RO/ARO के प्रचलित Prelims pattern में General Hindi के 60 questions/60 marks रहे हैं और तैयारी मुख्यतः इन छह क्षेत्रों पर केंद्रित रहती है:
2026 के लिए final pattern और syllabus को नवीनतम official notification से जरूर मिलाएं।
Hindi में केवल theory पढ़ना पर्याप्त नहीं है। उदाहरण के लिए पर्यायवाची की सूची पढ़ लेने के बाद यदि आपने questions नहीं लगाए तो examination में similar options confuse कर सकते हैं।
इसलिए तैयारी का क्रम रखें:
Rule/Concept → Previous Year Questions → Practice → Error Analysis → Revision → Timed Test
एक अलग Hindi Error Notebook बनाएं। जिस शब्द, spelling, rule या question में गलती हो उसे इसमें लिखते जाएं।
General Hindi का यह हिस्सा Prelims के overall score में महत्वपूर्ण योगदान देता है, इसलिए इसे अंतिम समय के लिए बिल्कुल न छोड़ें।
RO/ARO UPPSC की परीक्षा है, इसलिए Uttar Pradesh-specific preparation को शुरुआत से General Studies के साथ जोड़कर चलें।
UP Special में प्रमुख रूप से तैयार करें:
एक अलग UP Special Notebook बनाना उपयोगी रहेगा।
उदाहरण के लिए यदि Current Affairs में उत्तर प्रदेश की कोई नई योजना चर्चा में है तो केवल योजना का नाम याद न करें। संबंधित department, उद्देश्य, beneficiaries और उससे जुड़े static topic को भी समझें।
Current Affairs में हर खबर पढ़ना जरूरी नहीं है।
Exam-oriented topics चुनें:
एक simple cycle अपनाएं:
Daily Reading → Short Notes → Weekly Revision → Monthly Revision → MCQ Practice
Current Affairs के notes बहुत लंबे न बनाएं। केवल revision-friendly points रखें।
RO/ARO की तैयारी में PYQ को केवल पुराने questions का collection न समझें।
Previous Year Questions आपको बताते हैं:
PYQ करने का सही तरीका है:
पहले Topic पढ़ें → उसी Topic के PYQs करें → गलत Questions mark करें → Concept दोबारा पढ़ें → कुछ दिनों बाद वही PYQs revise करें
जहां उपलब्ध हों, सबसे पहले official UPPSC question papers को प्राथमिकता दें।
इसके बाद topic-wise explanation वाले किसी विश्वसनीय solved-PYQ source का उपयोग किया जा सकता है।
सिर्फ answer याद न करें। यह समझें कि बाकी options गलत क्यों हैं।
यह RO/ARO preparation का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Prelims clear होने के बाद ही पहली बार Mains की प्रकृति समझना समय की बर्बादी कर सकता है। इसलिए शुरुआत से Mains-oriented foundation भी बनाते रहें।
Mains की तैयारी में General Hindi, drafting/official communication और essay writing जैसे descriptive skills महत्वपूर्ण हो जाते हैं। UPPSC के उपलब्ध official papers में भी General Hindi/Essay जैसे descriptive components दिखाई देते हैं।
इसलिए Prelims preparation के दौरान ही धीरे-धीरे:
पर काम करते रहें।
Prelims के बाद इनका intensive writing practice शुरू किया जा सकता है।
इससे Prelims और Mains के बीच उपलब्ध समय का बेहतर उपयोग होगा।
हर विद्यार्थी के लिए एक ही timetable काम नहीं करेगा। अपनी उपलब्धता के अनुसार इसे बदलें।
एक उदाहरण:
सुबह: मुख्य GS Subject
दोपहर: General Hindi
शाम: UP Special + Current Affairs
रात: PYQ + MCQ + Revision
सप्ताह में एक-दो sessions Mains-oriented Hindi/Drafting/Essay foundation के लिए भी रख सकते हैं।
Hours गिनने के बजाय daily targets बनाना अधिक उपयोगी है।
उदाहरण:
आज Polity का एक chapter पूरा करना है।
General Hindi के 50 questions करने हैं।
25–50 GS MCQs लगाने हैं।
एक पुराने topic को revise करना है।
RO/ARO जैसी परीक्षा में facts को लंबे समय तक retain करने के लिए multiple revision जरूरी है।
एक practical cycle:
Study → Short Notes → PYQ → First Revision → MCQ Test → Second Revision → Error Analysis
Revision के दौरान पूरी book दोबारा पढ़ने की आवश्यकता नहीं है।
Focus करें:
Short Notes + Marked Facts + Wrong Questions + Error Notebook
हर सप्ताह कुछ समय केवल पुराने topics के लिए reserve रखें।
पूरा syllabus समाप्त होने का इंतजार न करें।
क्रम रखें:
Topic-wise Test → Subject-wise Test → Mixed Test → Full-Length Mock Test
General Hindi के अलग timed tests भी लगाएं।
हर test के बाद सिर्फ score देखकर आगे न बढ़ें।
अपनी गलतियों को तीन categories में बांटें:
Knowledge Error: Fact या concept पता नहीं था।
Revision Error: पढ़ा था लेकिन याद नहीं रहा।
Silly Mistake: Question या option ध्यान से नहीं पढ़ा।
अगले test से पहले इन गलतियों को revise करें।
Objective paper में attempts के साथ accuracy भी महत्वपूर्ण है।
UPPSC के objective-paper instructions में गलत उत्तर पर question के निर्धारित marks के one-third deduction जैसे negative-marking provisions देखने को मिलते हैं; RO/ARO 2026 के लिए final applicable rule उस examination के official notification/question-booklet instructions से verify करें।
अपनी mock-test strategy तीन rounds में विकसित करें:
Round 1 – Sure Questions: जिनका answer confidently पता है।
Round 2 – Elimination Questions: जहां knowledge के आधार पर options eliminate किए जा सकते हैं।
Round 3 – Doubtful Questions: जिनमें बहुत अधिक uncertainty है।
Blind Guessing से बचें।
Mock Tests में यह भी track करें कि ज्यादा attempts के कारण आपका net score बढ़ रहा है या negative marking के कारण घट रहा है।
सबसे सामान्य गलतियां हैं—syllabus को ठीक से न समझना, General Hindi को बाद के लिए छोड़ना, PYQs देर से शुरू करना, UP Special की उपेक्षा करना, बहुत सारी books/PDFs इकट्ठा करना, बार-बार sources बदलना, Current Affairs को revise न करना, Mock Tests बहुत देर से शुरू करना और tests के बाद Error Analysis न करना।
याद रखें:
Limited Sources + PYQ + Multiple Revision + Practice + Test Analysis
किसी भी material को एक बार पढ़ने से ज्यादा उपयोगी उसे कई बार revise करना है।
Exam के अंतिम चरण में नए sources जोड़ना कम करें।
Priority रखें:
Revision → PYQ → Mock Tests → General Hindi → UP Special → Current Affairs Revision
अपनी Error Notebook और Short Notes बार-बार revise करें।
जिन topics में लगातार mistakes हो रही हैं, उनकी अलग list बनाएं।
Mock Tests में दो metrics जरूर देखें:
Score + Accuracy
केवल attempts बढ़ाने की कोशिश न करें।
RO और ARO को एक ही designation समझकर qualification assume न करें।
Post और department के अनुसार educational तथा technical qualification अलग हो सकती है। कुछ ARO posts में computer qualification और Hindi typing जैसी requirements रही हैं।
इसलिए RO/ARO 2026 का नया notification आने पर post-wise eligibility को official advertisement से verify करने के बाद ही application करें।
इस article में किसी पुराने recruitment की technical qualification को 2026 की सभी ARO posts के लिए universal rule नहीं माना गया है।
RO/ARO 2026 की तैयारी में सफलता के लिए केवल General Studies मजबूत होना पर्याप्त नहीं है।
आपकी preparation का आधार होना चाहिए:
Syllabus + General Studies + General Hindi + UP Special + PYQ + Revision + Mock Tests
General Hindi के निर्धारित topics पर शुरुआत से practice करें, GS को PYQ-oriented तरीके से पढ़ें और Uttar Pradesh-specific preparation को Current Affairs के साथ integrate करें।
साथ ही Prelims की तैयारी के दौरान Mains के लिए Hindi, Drafting और Essay Writing की basic foundation बनाते रहें।
बहुत सारे sources इकट्ठा करने के बजाय सीमित और विश्वसनीय सामग्री को कई बार revise करना तथा अपनी गलतियों का लगातार analysis करना अधिक प्रभावी strategy हो सकती है।
सबसे पहले latest official syllabus और Previous Year Question Papers देखें। इसके बाद General Studies, General Hindi, UP Special और Current Affairs के limited sources निर्धारित करके topic-wise preparation शुरू करें।
General Hindi को syllabus और PYQs के अनुसार तैयार करें। विलोम, वाक्य एवं वर्तनी शुद्धि, अनेक शब्दों के लिए एक शब्द, तत्सम-तद्भव, विशेष्य-विशेषण और पर्यायवाची जैसे प्रमुख क्षेत्रों की नियमित question practice करें। 2026 का exact syllabus notification से verify करें।
जरूरी नहीं। अलग-अलग posts और departments में qualification अलग हो सकती है। कुछ ARO posts में computer qualification और Hindi typing जैसी technical requirements रही हैं। इसलिए 2026 recruitment में अपने चुने हुए पद की eligibility official notification से check करें।
उत्तर प्रदेश के इतिहास, भूगोल, संस्कृति, कृषि, अर्थव्यवस्था, प्रशासन, योजनाओं, ODOP, GI Tags और Current Affairs के short notes बनाएं तथा उन्हें PYQs के साथ revise करें।
PYQs से important topics, question framing और अपनी कमजोरियों को समझने में मदद मिलती है। Topic पढ़ने के तुरंत बाद संबंधित PYQs करना ज्यादा उपयोगी है।
Basic foundation जरूर बनानी चाहिए। Prelims के दौरान ही Hindi language, Drafting और Essay Writing पर थोड़ा नियमित काम करने से Prelims के बाद Mains preparation शुरू करना आसान हो जाता है।
पूरा syllabus खत्म होने का इंतजार न करें। Topic-wise tests से शुरुआत करें और धीरे-धीरे subject-wise तथा full-length mocks की ओर बढ़ें।
एक निश्चित number सभी candidates पर लागू नहीं होता। अपने उपलब्ध समय के अनुसार daily targets बनाएं और GS, Hindi, PYQ तथा Revision में consistency रखें।
उत्तर प्रदेश विधान भवन : इतिहास और निर्माण यात्रा
उत्तर प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और लोकतांत्रिक परंपरा की पहचान उत्तर प्रदेश विधान सभा (विधान भवन) केवल एक प्रशासनिक भवन नहीं, बल्कि प्रदेश की राजनीतिक और स्थापत्य विरासत का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसका भव्य स्वरूप, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और अनूठी वास्तुकला इसकी निर्माण यात्रा को बेहद दिलचस्प बनाती है।
उत्तर प्रदेश विधान भवन नींव (Foundation Stone)
इस ऐतिहासिक भवन के निर्माण की शुरुआत 15 दिसंबर 1922 को हुई, जब तत्कालीन गवर्नर सर स्पेंसर हारकोर्ट बटलर ने इसकी आधारशिला रखी। यही वह क्षण था, जब उत्तर प्रदेश के इस भव्य विधान भवन के निर्माण की औपचारिक यात्रा प्रारंभ हुई।
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उत्तर प्रदेश विधान भवन उद्घाटन (Inauguration)
लगभग पाँच वर्षों से अधिक समय तक चले निरंतर निर्माण कार्य के बाद यह भव्य भवन तैयार हुआ। इसका विधिवत उद्घाटन 21 फरवरी 1928 को किया गया।
उत्तर प्रदेश विधान भवन निर्माण लागत (Cost)
आज जिस विधान भवन की भव्यता हमें आकर्षित करती है, उसके निर्माण के लिए उस समय लगभग 21 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। उस दौर के हिसाब से यह एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण निर्माण परियोजना थी।
उत्तर प्रदेश विधान भवन वास्तुकला शैली (Architectural Style)
उत्तर प्रदेश विधान भवन की सबसे खास विशेषताओं में इसकी वास्तुकला शामिल है। यह भवन इंडो-यूरोपियन (Indo-European) और गोथिक शैली की उत्कृष्ट वास्तुकला का उदाहरण है।
इस भवन का आकार अर्धचंद्राकार (Crescent-shaped) है। इसके मुख्य केंद्र में बना विशाल गोथिक गुंबद इसकी भव्यता को और अधिक आकर्षक बनाता है।
उत्तर प्रदेश विधान भवन निर्माण में प्रयुक्त सामग्री (Materials Used)
विधान भवन को मजबूत और आकर्षक बनाने के लिए विशेष प्रकार की निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया। इसके बाहरी निर्माण में मिर्जापुर के चुनार क्षेत्र के हल्के भूरे रंग के बलुआ पत्थरों (Sandstone) का प्रयोग किया गया है। वहीं भवन के आंतरिक हिस्सों तथा सीढ़ियों को सुंदर और भव्य रूप देने के लिए आगरा और जयपुर के संगमरमर (Marble) का इस्तेमाल किया गया है।
उत्तर प्रदेश विधान भवन ऐतिहासिक महत्व
उत्तर प्रदेश विधान भवन को प्रारंभ में ‘काउंसिल हाउस’ (Council House) के नाम से जाना जाता था। बाद में वर्ष 1937 से यह भवन उत्तर प्रदेश के विधानमंडल, अर्थात् विधान सभा और विधान परिषद, की बैठकों का प्रमुख केंद्र बन गया। इस प्रकार उत्तर प्रदेश विधान भवन केवल एक ऐतिहासिक इमारत ही नहीं, बल्कि प्रदेश की लोकतांत्रिक यात्रा, स्थापत्य कला और राजनीतिक इतिहास का जीवंत प्रतीक भी है।
1. आधारशिला — 15 दिसंबर 1922
o रखी: सर स्पेंसर हारकोर्ट बटलर
2. उद्घाटन — 21 फरवरी 1928
o निर्माण में लगभग 5 वर्ष से अधिक समय लगा।
3. निर्माण लागत — लगभग 21 लाख रुपये
4. पुराना नाम — काउंसिल हाउस (Council House)
5. वास्तुकला शैली —
o इंडो-यूरोपियन शैली
o गोथिक शैली
6. भवन का आकार — अर्धचंद्राकार (Crescent-shaped)
7. मुख्य आकर्षण — भवन के केंद्र में बना विशाल गोथिक गुंबद
8. निर्माण सामग्री —
o मिर्जापुर के चुनार का हल्का भूरा बलुआ पत्थर
o अंदरूनी भागों एवं सीढ़ियों में आगरा और जयपुर का संगमरमर
9. वर्ष 1937 से — यह भवन विधान सभा और विधान परिषद की बैठकों का प्रमुख केंद्र बना।
10.महत्व — उत्तर प्रदेश की लोकतांत्रिक परंपरा, राजनीतिक इतिहास और स्थापत्य विरासत का प्रमुख प्रतीक।
उत्तर प्रदेश की राजधानी आज लखनऊ है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ब्रिटिश काल में प्रदेश की सत्ता का प्रमुख केंद्र इलाहाबाद हुआ करता था? इलाहाबाद से लखनऊ तक राजधानी के स्थानांतरण की यह यात्रा उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।
ब्रिटिश शासन के दौरान उत्तर प्रदेश को 'संयुक्त प्रांत' (United Provinces) के नाम से जाना जाता था।
1858 से 1921 तक इलाहाबाद इस प्रांत की राजधानी रहा।
इस अवधि में—
इस प्रकार लगभग छह दशकों तक इलाहाबाद संयुक्त प्रांत की प्रशासनिक व्यवस्था का केंद्र रहा।
समय के साथ ब्रिटिश प्रशासन के सामने नई राजनीतिक और प्रशासनिक परिस्थितियाँ उत्पन्न होने लगीं।
विशेष रूप से—
इन्हीं परिस्थितियों में अंग्रेजी शासन ने राजधानी को इलाहाबाद से किसी अधिक उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया।
राजधानी के लिए लखनऊ का चयन कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण था।
का एक प्रमुख केंद्र रहा था। इन्हीं विशेषताओं के कारण लखनऊ राजधानी के लिए उपयुक्त माना गया।
1935 तक प्रमुख प्रशासनिक कार्यालय लखनऊ पहुँच गए और लखनऊ संयुक्त प्रांत की सत्ता एवं प्रशासन का मुख्य केंद्र बन गया।
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भी लखनऊ का राजधानी के रूप में महत्व बना रहा।
24 जनवरी 1950 को 'संयुक्त प्रांत' (United Provinces) का नाम बदलकर 'उत्तर प्रदेश' कर दिया गया।
1858 ➡️ इलाहाबाद संयुक्त प्रांत की राजधानी
1858–1921 ➡️ प्रशासनिक केंद्र के रूप में इलाहाबाद का प्रमुख स्थान
1921 ➡️ राजधानी इलाहाबाद से लखनऊ स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू. ➡️ गवर्नर सर हार्कोर्ट बटलर का मुख्यालय लखनऊ स्थानांतरित
1921–1935 ➡️ प्रमुख प्रशासनिक कार्यालयों का क्रमिक स्थानांतरण
1935 ➡️ लखनऊ सत्ता और प्रशासन का मुख्य केंद्र
24 जनवरी 1950 ➡️ संयुक्त प्रांत का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश
1950 से वर्तमान तक ➡️ लखनऊ — उत्तर प्रदेश की राजधानी ➡️ इलाहाबाद — महत्वपूर्ण न्यायिक केंद्र
उत्तर प्रदेश विधानसभा का राजनीतिक सफ़र
उत्तर प्रदेश राज्य में द्विसदनीय विधानमंडल है, जिसमें उच्च सदन विधान परिषद और निम्न सदन विधान सभा शामिल हैं। यह भारत का सबसे बड़ा विधानमंडल है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में 403 निर्वाचित सदस्य हैं। उत्तर प्रदेश विधान परिषद में 100 सदस्य हैं। 1967 से पहले, विधान सभा की सदस्य संख्या 431 थी, जिसमें एक मनोनीत एंग्लो-इंडियन सदस्य शामिल था, जिसे संशोधित करके 426 कर दिया गया, जिसमें एक मनोनीत एंग्लो-इंडियन सदस्य शामिल था। 9 नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश राज्य के पुनर्गठन और उत्तराखंड के गठन के बाद, विधान सभा की सदस्य संख्या घटकर 404 हो गई, जिसमें एक मनोनीत एंग्लो-इंडियन सदस्य शामिल था। 25 जनवरी 2020 को लागू हुए संविधान (104वां संशोधन) अधिनियम, 2019 के बाद एंग्लो-इंडियन सदस्य को मनोनीत करने का प्रावधान समाप्त कर दिया गया। वर्तमान में विधान सभा की सदस्य संख्या 403 है। विधान सभा का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है, जब तक कि इसे पहले भंग न कर दिया जाए। पहली विधान सभा का गठन 8 मार्च, 1952 को हुआ था। तब से इसका गठन अठारह बार हो चुका है। वर्तमान अठारहवीं विधान सभा का गठन 11 मार्च, 2022 को हुआ।
प्रत्येक आम चुनाव के बाद पहले सत्र के प्रारंभ में और वर्ष के पहले सत्र के प्रारंभ में, राज्यपाल दोनों सदनों को संबोधित करते हैं और विधानमंडल को सत्र बुलाने के कारणों से अवगत कराते हैं। इसके अतिरिक्त, राज्यपाल वर्ष के दौरान समय-समय पर दोनों सदनों को बुलाते हैं। अध्यक्ष और उप-अध्यक्ष का चुनाव विधान सभा के सदस्यों द्वारा अपने बीच से किया जाता है। उत्तर प्रदेश विधान सभा और विधान परिषद के कक्ष ऐतिहासिक शहर लखनऊ में स्थित हैं, जो अपने गौरवशाली अतीत और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है।
माननीय योगी आदित्यनाथ 19 मार्च, 2017 से लगातार दो कार्यकालों के लिए राज्य के मुख्यमंत्री और सदन के नेता हैं। माननीय श्री सतीश महाना 29 मार्च, 2022 से विधानसभा अध्यक्ष हैं। माननीय श्री माता प्रसाद पांडे 28 जुलाई, 2024 से विपक्ष के नेता हैं।
उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थी लंबे समय से UPPSC RO ARO Recruitment 2026 का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच भर्ती को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। सूचना का अधिकार (RTI) के तहत उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने स्पष्ट किया है कि Review Officer (RO) और Assistant Review Officer (ARO) पदों की अंतिम संख्या अभी निर्धारित नहीं हुई है, क्योंकि विभिन्न विभागों से प्राप्त रिक्तियों के संबंध में पत्राचार जारी है। आयोग ने यह भी बताया है कि UPPSC RO ARO Notification 2026 आगामी महीनों में जारी किया जाएगा। साथ ही, परीक्षा के सिलेबस में फिलहाल किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। ऐसे में उम्मीदवारों को सोशल मीडिया या अपुष्ट खबरों पर भरोसा करने के बजाय केवल आयोग की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए। इस लेख में आपको UPPSC RO ARO Vacancy 2026, लेटेस्ट अपडेट, संभावित नोटिफिकेशन, पात्रता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न, वेतन और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी सरल भाषा में मिलेगी।
Lakshya IAS Lucknow | Latest UPPSC RO/ARO Recruitment Update 2026
महत्वपूर्ण सूचना: UPPSC ने अभी RO/ARO भर्ती 2026 की अंतिम पद संख्या और आवेदन तिथियाँ आधिकारिक रूप से घोषित नहीं की हैं। 428 पदों का उल्लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। अभ्यर्थी अंतिम जानकारी के लिए केवल उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की आधिकारिक अधिसूचना पर भरोसा करें।
UPPSC RO ARO भर्ती 2026 उत्तर प्रदेश में स्नातक पास अभ्यर्थियों के लिए सबसे प्रतिष्ठित सरकारी भर्तियों में से एक मानी जाती है। इस भर्ती के माध्यम से Review Officer (RO) और Assistant Review Officer (ARO) के पदों पर नियुक्ति की जाएगी। नीचे दी गई तालिका में भर्ती से जुड़ी प्रमुख जानकारी एक नजर में दी गई है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| भर्ती बोर्ड | उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) |
| परीक्षा का नाम | UPPSC RO ARO Recruitment 2026 |
| पद का नाम | Review Officer (RO), Assistant Review Officer (ARO) |
| रिक्तियों की स्थिति | आधिकारिक रूप से घोषित नहीं (पदों की अंतिम संख्या तय होना शेष) |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन |
| आवेदन प्रारंभ | आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होने के बाद |
| विज्ञापन | आयोग के अनुसार आगामी महीनों में जारी किया जाएगा |
| चयन प्रक्रिया | प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा एवं हिंदी टाइपिंग टेस्ट |
| सिलेबस | फिलहाल किसी प्रकार का बदलाव नहीं |
| नौकरी का स्थान | उत्तर प्रदेश |
| आधिकारिक वेबसाइट | uppsc.up.nic.in |
UPPSC RO ARO भर्ती 2026 का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर यह है कि विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आयोग को संबंधित विभागों से कुल 428 पदों का अधियाचन प्राप्त हो चुका है। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी तेज होने की संभावना है। हालांकि, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने अभी तक भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन या आवेदन तिथियों की घोषणा नहीं की है। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अफवाह या अनौपचारिक जानकारी पर भरोसा न करें और केवल UPPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन का इंतजार करें। नोटिफिकेशन जारी होते ही आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा तिथि, पात्रता और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी आधिकारिक रूप से उपलब्ध करा दी जाएगी।
सूचना का अधिकार (RTI) के तहत 31 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक जवाब में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने RO एवं ARO भर्ती को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि Review Officer (RO) और Assistant Review Officer (ARO) पदों की अंतिम संख्या अभी तय नहीं हुई है, क्योंकि विभिन्न विभागों से रिक्तियों के संबंध में पत्राचार जारी है। इसी कारण फिलहाल कुल रिक्तियों की सटीक जानकारी देना संभव नहीं है। इसके साथ ही आयोग ने बताया है कि UPPSC RO ARO Notification 2026 आगामी महीनों में जारी किया जाएगा। वहीं, परीक्षा के सिलेबस में किसी भी प्रकार का बदलाव करने का अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है, इसलिए अभ्यर्थी पुराने सिलेबस के अनुसार अपनी तैयारी जारी रख सकते हैं।
UPPSC RO ARO भर्ती 2026 का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के मन में सबसे बड़ा सवाल रिक्तियों की संख्या को लेकर है। हालांकि, सूचना का अधिकार (RTI) के तहत जारी आधिकारिक जवाब में आयोग ने स्पष्ट किया है कि Review Officer (RO) और Assistant Review Officer (ARO) पदों की अंतिम संख्या अभी तय नहीं हुई है। आयोग के अनुसार विभिन्न विभागों से रिक्तियों के संबंध में पत्राचार जारी है, इसलिए इस समय कुल पदों की सटीक जानकारी उपलब्ध कराना संभव नहीं है। ऐसे में सोशल मीडिया या विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में बताई जा रही पद संख्या को आधिकारिक नहीं माना जाना चाहिए। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे केवल UPPSC RO ARO Notification 2026 जारी होने के बाद घोषित आधिकारिक रिक्तियों पर ही भरोसा करें।
UPPSC RO ARO भर्ती 2026 के लिए आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria) की जानकारी होना आवश्यक है। हालांकि आधिकारिक नोटिफिकेशन अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन पिछली भर्ती के आधार पर संभावित योग्यता और आयु सीमा निम्न प्रकार हो सकती है।
UPPSC RO ARO भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) उत्तीर्ण होना आवश्यक माना जाता है। कुछ पदों के लिए अतिरिक्त तकनीकी योग्यता या कंप्यूटर ज्ञान भी मांगा जा सकता है।
UPPSC RO ARO भर्ती 2026 में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को आयोग द्वारा निर्धारित आयु सीमा का पालन करना होगा। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश सरकार के नियमानुसार आयु में छूट प्रदान की जाएगी।
| मानदंड | संभावित आयु सीमा |
| न्यूनतम आयु | 21 वर्ष |
| अधिकतम आयु | 40 वर्ष |
| आयु में छूट | आरक्षित वर्ग को सरकारी नियमों के अनुसार |
UPPSC RO ARO भर्ती 2026 में उम्मीदवारों का चयन विभिन्न चरणों के माध्यम से किया जाता है। प्रत्येक चरण में सफल होने वाले अभ्यर्थी ही अगले चरण के लिए पात्र होते हैं, इसलिए सभी चरणों की तैयारी रणनीति के साथ करना बेहद जरूरी है।
चयन प्रक्रिया का पहला चरण प्रारंभिक परीक्षा होता है। यह एक वस्तुनिष्ठ (Objective) परीक्षा होती है, जिसमें सामान्य अध्ययन और सामान्य हिंदी से प्रश्न पूछे जाते हैं। इस परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर योग्य अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाता है।
प्रारंभिक परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा में शामिल होना होता है। मुख्य परीक्षा प्रारंभिक परीक्षा की तुलना में अधिक विस्तृत होती है और इसमें सामान्य अध्ययन, सामान्य हिंदी, निबंध, ड्राफ्टिंग तथा अन्य निर्धारित विषयों से प्रश्न पूछे जा सकते हैं। अंतिम मेरिट में मुख्य परीक्षा का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
मुख्य परीक्षा के बाद संबंधित पद की सेवा-शर्तों के अनुसार चयनित अभ्यर्थियों का हिंदी टाइपिंग अथवा अन्य कौशल परीक्षण आयोजित किया जा सकता है। इस चरण में उम्मीदवारों की हिंदी टाइपिंग दक्षता और गति का मूल्यांकन किया जाता है। जिस पद के लिए यह परीक्षण निर्धारित हो, उसमें अंतिम चयन हेतु आवश्यक दक्षता प्राप्त करना अनिवार्य होता है। पदवार नियम आधिकारिक अधिसूचना में ही स्पष्ट होंगे।
UPPSC RO ARO भर्ती 2026 की तैयारी शुरू करने से पहले उम्मीदवारों को परीक्षा पैटर्न की अच्छी समझ होना बेहद आवश्यक है। परीक्षा मुख्य रूप से प्रारंभिक परीक्षा (Prelims), मुख्य परीक्षा (Mains) और हिंदी टाइपिंग टेस्ट के माध्यम से आयोजित की जाती है। प्रारंभिक परीक्षा केवल स्क्रीनिंग के लिए होती है, जबकि मुख्य परीक्षा और टाइपिंग टेस्ट अंतिम चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रारंभिक परीक्षा वस्तुनिष्ठ (Objective Type) होती है, जिसमें सामान्य अध्ययन और सामान्य हिंदी से प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होता है तथा गलत उत्तर देने पर 1/3 अंक की निगेटिव मार्किंग लागू होती है। प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाता है।
| पेपर | विषय | प्रश्न | अंक | समय |
| पेपर-I | सामान्य अध्ययन (General Studies) | 140 | 140 | 120 मिनट |
| पेपर-II | सामान्य हिंदी (General Hindi) | 60 | 60 | 60 मिनट |
| कुल | — | 200 | 200 | 180 मिनट |
प्रारंभिक परीक्षा की मुख्य विशेषताएं
मुख्य परीक्षा प्रारंभिक परीक्षा की तुलना में अधिक विस्तृत और महत्वपूर्ण होती है। इसमें उम्मीदवारों की सामान्य अध्ययन, हिंदी भाषा, ड्राफ्टिंग क्षमता तथा निबंध लेखन कौशल का मूल्यांकन किया जाता है। अंतिम मेरिट सूची मुख्य परीक्षा के अंकों के आधार पर तैयार की जाती है, इसलिए इस चरण की तैयारी पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
| पेपर | विषय | अंक | समय |
| पेपर-I | सामान्य अध्ययन (General Studies) | 120 | 120 मिनट |
| पेपर-II (भाग-1) | सामान्य हिंदी एवं ड्राफ्टिंग (वर्णनात्मक) | 100 | 150 मिनट |
| पेपर-II (भाग-2) | सामान्य हिंदी (शब्दावली – वस्तुनिष्ठ) | 60 | 30 मिनट |
| पेपर-III | हिंदी निबंध | 120 | 180 मिनट |
| कुल | — | 400 अंक | — |
मुख्य परीक्षा की मुख्य विशेषताएं
UPPSC RO ARO भर्ती 2026 में चयनित उम्मीदवारों को उत्तर प्रदेश सरकार के सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के अनुसार आकर्षक वेतन दिया जाता है। मूल वेतन (Basic Pay) के साथ महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) तथा अन्य सरकारी सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं। अलग-अलग विभागों और पदों के अनुसार वेतनमान में थोड़ा अंतर हो सकता है।
| पद का नाम | पे-लेवल | पे मैट्रिक्स / वेतनमान | अनुमानित प्रारंभिक बेसिक वेतन |
| Review Officer (RO) | लेवल-8 | ₹47,600 – ₹1,51,100 | ₹47,600 प्रति माह |
| Assistant Review Officer (ARO) | लेवल-7 | ₹44,900 – ₹1,42,400 | ₹44,900 प्रति माह |
बेसिक वेतन के अलावा चयनित कर्मचारियों को कई सरकारी भत्तों और सुविधाओं का लाभ भी मिलता है। यही कारण है कि UPPSC RO ARO उत्तर प्रदेश की सबसे लोकप्रिय स्नातक स्तरीय भर्तियों में से एक मानी जाती है।
UPPSC RO ARO भर्ती 2026 के आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार लाखों अभ्यर्थी कर रहे हैं। सूचना का अधिकार (RTI) के तहत आयोग ने जानकारी दी है कि RO/ARO भर्ती का विज्ञापन आगामी महीनों में जारी किया जाएगा, हालांकि अभी इसकी कोई निश्चित तिथि घोषित नहीं की गई है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद आवेदन की तिथि, रिक्तियों की संख्या, पात्रता, आयु सीमा, आवेदन शुल्क, परीक्षा तिथि, चयन प्रक्रिया और परीक्षा पैटर्न सहित सभी महत्वपूर्ण जानकारी आधिकारिक रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे केवल उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी अपडेट पर ही भरोसा करें और अपनी तैयारी नियमित रूप से जारी रखें।
UPPSC RO ARO भर्ती उत्तर प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित स्नातक स्तरीय सरकारी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इस भर्ती में हर वर्ष बड़ी संख्या में उम्मीदवार आवेदन करते हैं, इसलिए इसका प्रतिस्पर्धा स्तर (Competition Level) काफी अधिक रहता है। यदि इस बार 428 पदों पर भर्ती जारी होती है, तब भी लाखों अभ्यर्थियों के आवेदन करने की संभावना है, जिससे चयन प्रक्रिया और अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकती है। ऐसे में केवल नोटिफिकेशन का इंतजार करने के बजाय उम्मीदवारों को अभी से सिलेबस के अनुसार नियमित अध्ययन, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास, मॉक टेस्ट और हिंदी टाइपिंग पर विशेष ध्यान देना चाहिए। सही रणनीति, निरंतर अभ्यास और समय प्रबंधन के साथ तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के चयन की संभावना अधिक रहती है।
UPPSC RO ARO भर्ती 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय उम्मीदवारों को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज पहले से तैयार रखने चाहिए। हालांकि अंतिम दस्तावेजों की सूची आधिकारिक नोटिफिकेशन में जारी की जाएगी, लेकिन पिछले भर्ती नियमों के आधार पर निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है।
UPPSC RO/ARO जैसी अत्यधिक प्रतिस्पर्धी परीक्षा में केवल अध्ययन सामग्री एकत्र करना पर्याप्त नहीं है। सफलता के लिए सिलेबस आधारित अध्ययन, नियमित पुनरावृत्ति, पिछले वर्षों के प्रश्नों का विश्लेषण, उत्तर लेखन, हिंदी ड्राफ्टिंग और समयबद्ध टेस्ट अभ्यास को एक साथ आगे बढ़ाना जरूरी है। Lakshya IAS Lucknow अभ्यर्थियों को प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की आवश्यकताओं के अनुसार सुव्यवस्थित तैयारी की दिशा प्रदान करता है।
UPPSC RO ARO Recruitment 2026 उत्तर प्रदेश के स्नातक अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है। फिलहाल रिक्तियों की अंतिम संख्या, आवेदन तिथि और विस्तृत पदवार पात्रता आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुई है। इसलिए 428 पदों की चर्चा को संभावित जानकारी के रूप में ही देखें और आयोग की अधिसूचना आने तक तैयारी को रोकें नहीं। पुराने आधिकारिक सिलेबस के अनुसार सामान्य अध्ययन, सामान्य हिंदी, ड्राफ्टिंग, निबंध और पदानुसार टाइपिंग/कौशल परीक्षण की तैयारी जारी रखना सबसे उचित रणनीति होगी।
Lakshya IAS Lucknow के साथ व्यवस्थित मार्गदर्शन, नियमित कक्षाओं, अध्ययन सामग्री, टेस्ट अभ्यास और परीक्षा-केंद्रित रणनीति द्वारा अपनी UPPSC RO/ARO तैयारी को मजबूत बनाएं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में पात्रता, आयु सीमा, रिक्तियों, चयन प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न और अन्य विवरण पिछली भर्ती, उपलब्ध RTI सूचना तथा मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर दिए गए हैं। UPPSC RO/ARO Notification 2026 जारी होने पर आधिकारिक अधिसूचना में दिए गए नियम ही अंतिम और मान्य होंगे।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने समीक्षा अधिकारी (Review Officer – RO), सहायक समीक्षा अधिकारी (Assistant Review Officer – ARO) तथा सहायक समीक्षा अधिकारी (लेखा) के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था।
इस भर्ती में विभिन्न विभागों को मिलाकर प्रारंभिक रूप से 411 पद घोषित किए गए थे। चयन के लिए पहले प्रारंभिक परीक्षा और उसके बाद मुख्य लिखित परीक्षा आयोजित किए जाने का प्रावधान था। अंतिम चयन मुख्य परीक्षा में प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर किया जाना था।
महत्वपूर्ण सूचना: यह वर्ष 2023 की आधिकारिक भर्ती अधिसूचना का विश्लेषण है। आवेदन प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। आगामी UPPSC RO/ARO भर्ती की तैयारी के लिए इसे Previous Notification Reference के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| भर्ती आयोग | उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) |
| परीक्षा | समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी आदि परीक्षा-2023 |
| विज्ञापन संख्या | A-7/E-1/2023 |
| कुल पद | 411 |
| Review Officer | 334 पद |
| Assistant Review Officer | 76 पद |
| ARO (Accounts) | 1 पद |
| आयु सीमा | 21 से 40 वर्ष |
| आवेदन प्रारंभ | 09 अक्टूबर 2023 |
| आवेदन की अंतिम तिथि | 09 नवंबर 2023 |
| चयन प्रक्रिया | Prelims + Mains |
| Interview | अधिसूचना में चयन का आधार नहीं |
| Final Selection | मुख्य लिखित परीक्षा की Merit |
आधिकारिक विज्ञापन में ऑनलाइन आवेदन 9 अक्टूबर 2023 से शुरू किए गए और आवेदन तथा परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 9 नवंबर 2023 निर्धारित थी।
कुल 411 पदों का वितरण इस प्रकार था:
| विभाग | पद | पदों की संख्या |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश सचिवालय | Review Officer | 322 |
| उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग | Review Officer | 9 |
| उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद | Review Officer | 3 |
| उत्तर प्रदेश सचिवालय | Assistant Review Officer | 40 |
| उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद | Assistant Review Officer | 23 |
| उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग | Assistant Review Officer | 13 |
| उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग | Assistant Review Officer (Accounts) | 1 |
| कुल | 411 |
इस प्रकार Review Officer के कुल 334, Assistant Review Officer के 76 और ARO Accounts का 1 पद था।
इस भर्ती में शामिल पद Pay Level-7 और Pay Level-8 के अंतर्गत आते हैं।
विज्ञापन में निम्न वेतनमान का उल्लेख है:
Review Officer और Assistant Review Officer सरकारी सेवा के महत्वपूर्ण पद हैं, जिनमें मूल वेतन के अतिरिक्त नियमानुसार अन्य भत्ते भी देय होते हैं।
आवेदन की अंतिम तिथि तक अभ्यर्थी के पास भारत में विधि द्वारा स्थापित किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री अथवा समकक्ष योग्यता होना आवश्यक था।
कुछ पदों के लिए अतिरिक्त कंप्यूटर एवं टाइपिंग योग्यता भी निर्धारित थी।
मुख्य आवश्यकताएं थीं:
Assistant Review Officer (Accounts) के लिए सामान्य Graduation के बजाय विशिष्ट शैक्षणिक योग्यता निर्धारित थी।
अभ्यर्थी के पास:
Accountancy के साथ Commerce में Bachelor Degree
होना आवश्यक था।
इसलिए सभी 411 पदों के लिए एक जैसी शैक्षणिक योग्यता नहीं थी। अभ्यर्थी को संबंधित पद एवं विभाग की Specific Qualification देखना आवश्यक था।
अन्य परिस्थितियां समान होने पर ऐसे अभ्यर्थियों को वरीयता दिए जाने का प्रावधान था जिन्होंने:
अभ्यर्थी को 1 जुलाई 2023 को कम से कम 21 वर्ष की आयु पूरी करनी चाहिए थी और उसकी आयु 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए थी।
अर्थात सामान्य स्थिति में जन्म:
2 जुलाई 1983 से पहले तथा 1 जुलाई 2002 के बाद नहीं
होना चाहिए था।
न्यूनतम आयु – 21 वर्ष
अधिकतम आयु – 40 वर्ष
उत्तर प्रदेश के पात्र:
को अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट का प्रावधान था।
दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा में 15 वर्ष तक अतिरिक्त छूट तथा पात्र भूतपूर्व सैनिकों के लिए सेवा अवधि के साथ नियमानुसार छूट का प्रावधान था।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए श्रेणीवार शुल्क:
| श्रेणी | कुल शुल्क |
|---|---|
| General / UR | ₹125 |
| EWS | ₹125 |
| OBC | ₹125 |
| SC | ₹65 |
| ST | ₹65 |
| दिव्यांग | ₹25 |
| Ex-Servicemen | ₹65 |
महिला, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित और कुशल खिलाड़ियों को अपनी मूल श्रेणी के अनुसार शुल्क जमा करना था।
चयन दो प्रमुख चरणों में होना था:
प्रथम चरण – प्रारंभिक परीक्षा
द्वितीय चरण – मुख्य लिखित परीक्षा
प्रारंभिक परीक्षा केवल Main Exam के लिए अभ्यर्थियों को Shortlist करने का माध्यम है। अंतिम चयन Main Written Examination में प्राप्त अंकों की Merit के आधार पर किया जाना है।
महत्वपूर्ण रूप से, प्रारंभिक परीक्षा के आधार पर मुख्य परीक्षा के लिए रिक्तियों की संख्या के लगभग 15 गुना अभ्यर्थियों को सफल घोषित करने का प्रावधान था।
प्रारंभिक परीक्षा में दो प्रश्नपत्र निर्धारित किए गए थे। आधिकारिक Appendix-3 में पूरा Exam Pattern दिया गया है।
| पेपर | विषय | प्रश्न | अंक | समय |
|---|---|---|---|---|
| Paper-1 | सामान्य अध्ययन | 140 | 140 | 2 घंटे |
| Paper-2 | सामान्य हिंदी | 60 | 60 | 1 घंटा |
| कुल | 200 | 200 |
दोनों पेपर वस्तुनिष्ठ प्रकार के हैं।
सामान्य अध्ययन में निम्न विषय शामिल हैं:
General Hindi में मुख्य रूप से:
से प्रश्न निर्धारित किए गए थे।
हाँ।
Prelims और Main के Objective Papers में गलत उत्तर देने पर 1/3 अंक यानी लगभग 0.33 अंक काटे जाने का प्रावधान है।
यदि अभ्यर्थी एक प्रश्न में एक से अधिक विकल्प भरता है, तो उसे भी गलत उत्तर माना जाएगा।
प्रश्न छोड़ देने पर Negative Marking नहीं होगी।
परीक्षा में आयोग ने Minimum Efficiency Standard निर्धारित किया है:
SC/ST – 35%
अन्य श्रेणियां – 40%
न्यूनतम निर्धारित प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी मेरिट/चयन के लिए पात्र नहीं होंगे।
मुख्य परीक्षा कुल 400 अंकों की निर्धारित है। आधिकारिक Appendix-4 में इसका विस्तृत Pattern दिया गया है।
| पेपर | विषय | अंक | समय |
|---|---|---|---|
| Paper-1 | General Studies | 120 | 2 घंटे |
| Paper-2 Part-1 | General Hindi & Drafting | 100 | 2 घंटे 30 मिनट |
| Paper-2 Part-2 | General Vocabulary & Grammar | 60 | 30 मिनट |
| Paper-3 | Hindi Essay | 120 | 3 घंटे |
| कुल | 400 अंक |
मुख्य परीक्षा का General Studies Paper प्रारंभिक परीक्षा के General Studies Syllabus के अनुरूप निर्धारित किया गया है।
इसमें:
120 प्रश्न – 120 अंक – 2 घंटे
का Pattern है।
यह RO/ARO परीक्षा का सबसे महत्वपूर्ण और विशिष्ट पेपर है।
समय – 2 घंटे 30 मिनट
अंक – 100
इसमें निम्न प्रकार के प्रश्न हैं:
1. गद्यांश
दिए गए गद्यांश का शीर्षक, सारांश तथा रेखांकित अंशों की व्याख्या – 21 अंक
2. सरकारी पत्र का सार लेखन
Tabular Form में – 15 अंक
3. पत्राचार – 24 अंक
इसके अंतर्गत:
4. पारिभाषिक शब्दावली
5. Computer Knowledge – 10 अंक
यह भाग Objective होगा।
समय – 30 मिनट
पूर्णांक – 60
इसमें मुख्य रूप से:
के प्रश्न शामिल हैं। प्रत्येक खंड के लिए 12 अंक निर्धारित हैं।
हिंदी निबंध का प्रश्नपत्र:
120 अंक
समय – 3 घंटे
का है।
अभ्यर्थी को कुल 3 निबंध लिखने होते हैं। प्रत्येक निबंध 40 अंक का होगा तथा शब्द सीमा लगभग 600 शब्द रखी गई है।
विषयों को तीन समूहों में बांटा गया है।
प्रत्येक समूह से दिए गए विकल्पों में से एक विषय चुनकर निबंध लिखना होता है।
Prelims में सफल अभ्यर्थियों को Main Exam के लिए दोबारा आवेदन और शुल्क जमा करना था।
| श्रेणी | Mains Fee |
|---|---|
| General / UR | ₹225 |
| EWS | ₹225 |
| OBC | ₹225 |
| UP से बाहर के अभ्यर्थी | ₹225 |
| SC | ₹105 |
| ST | ₹105 |
| दिव्यांग | ₹25 |
| Ex-Servicemen | ₹105 |
इस अधिसूचना में चयन प्रक्रिया Preliminary Examination + Main Written Examination पर आधारित है और अंतिम चयन Main Written Examination में प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर बताया गया है।
अर्थात इस भर्ती की अधिसूचना के अनुसार Interview चयन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है।
UPPSC RO/ARO के लिए आवेदन से पहले One Time Registration (OTR) अनिवार्य था।
OTR Number के बिना आवेदन Submit नहीं किया जा सकता था। जिन अभ्यर्थियों ने OTR नहीं किया था, उन्हें ऑनलाइन आवेदन से कम से कम 72 घंटे पहले OTR Number प्राप्त करने की सलाह दी गई थी।
पुरानी अधिसूचना का विश्लेषण आगामी तैयारी के लिए बहुत उपयोगी है।
सबसे महत्वपूर्ण बातें यह हैं कि RO/ARO में केवल सामान्य अध्ययन पर्याप्त नहीं है। परीक्षा में General Hindi, Drafting, सरकारी पत्राचार, हिंदी व्याकरण, निबंध और Computer Knowledge का भी महत्वपूर्ण स्थान है।
Prelims में 200 अंकों की परीक्षा होती है, जबकि Mains कुल 400 अंकों का है। अंतिम चयन Main Exam की Merit से होता है, इसलिए Main की तैयारी शुरुआत से करना अधिक प्रभावी रणनीति हो सकती है।
साथ ही Objective Papers में 1/3 Negative Marking होने के कारण Accuracy भी महत्वपूर्ण है।
UPPSC RO ARO Recruitment 2023 में कुल 411 पद घोषित किए गए थे। इसमें Review Officer के 334, Assistant Review Officer के 76 तथा Assistant Review Officer (Accounts) का 1 पद शामिल था।
अभ्यर्थियों के लिए सामान्य रूप से Graduation आवश्यक थी, जबकि कुछ पदों के लिए Computer Qualification तथा 25 WPM Hindi Typing भी जरूरी थी।
चयन Prelims और Mains के माध्यम से होना था। Prelims कुल 200 अंक और Main Exam कुल 400 अंक का है। अंतिम चयन मुख्य लिखित परीक्षा की Merit के आधार पर होना था।
यह अधिसूचना आगामी UPPSC RO/ARO भर्ती की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए Exam Pattern, Syllabus और Eligibility समझने का महत्वपूर्ण Previous Notification Reference है।